Wednesday, January 28, 2009

आज कहाँ कहाँ गए न पूछो

यह कदम

लौट कर फिर आगए

यह कदम

घूमते हुए घुमाते हुए

यह कदम

तुम्हारी तस्वीरिएँ

आज इन्हे रोक न पाई

मुस्कुराते हुए, गुनगुनाते हुए

यह थिरकते कदम।

2 comments:

delhidreams said...

can i try something on the similar theme? btw, the header pic rocks. loved it, totally!

vebhuti said...

sure. sure. go ahead. just saw your comments. :->